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प्रत्येक वर्ष ,श्री शिरडी साईं पीठ , बारीपदा द्वारा उड़िया भाषा में वार्षिक पत्रिका ”साईं छाया” प्रकाशित की जाती है ,जो जनमानस को श्री शिरडी साईं का सामीप्य दिलाने हेतु प्रयासरत है।
भक्तों एवं पाठकों से निवेदन है कि वे श्री शिरडी साईं से संबंधित अपने अनुभव, रचनाएं, आलेख, कविताएं, विचार, चित्रकला एवं इतर कृत्तियां, हमें ms-word अनुरूप या फिर Adobe Pagemaker में हमें info@shirdisaipeeth.org पर प्रेषित करें और श्री शिरडी साईं के संदेश को जन मानस तक पहुंचाने के हमारे कार्य में भागीदार बनें।
उपयुक्त कृतियां ”साईं छाया” पत्रिका में प्रकाशित की जाएंगी। आप रचना भेजते समय अपना नाम, पेशा, रहने का पता इत्त्यादि जरूर लिखें। कृपया नोट करें कि भेजी गईं कृत्तियों से संबंधित कोई भी जानकारी मांगना प्रतिबंधित है और भेजी गईं कृत्तियों के संबंध में सर्वाधिकार , श्री शिरडी साईं पीठ, बारीपदा के पास/हक में सुरक्षित होंगे एवं संपादक का फैसला अंतिम, निर्णायक एवं मान्य होगा।
आप अपनी मौलिक कृत्तियां हमें पोस्ट द्वारा भी इस पते पर भेज सकते हैं :
संपादिका, ”साईं छाया”,
श्री शिरडी साईं पीठ
सहरसाहि, बारीपदा
जिल्ला -मयूरभंज,
उड़ीसा , पिन-७५७००१
श्री शिर्डी साईंबाबा |
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श्री गुरूजी |
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श्री शिर्डी साईं पीठ,बारीपदा |
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श्री शिरडी साईं बाबा – एक फकीर, जो कि अहमदनगर जिले के शिरडी नामक एक छोटे से गांव में अवत्तीर्ण हुए ,शिरडी साईं बाबा के पैतृक
श्री चंद्रभानु सतपथीजी स्वयं को श्री शिरडी साईं का महज एक चाकर मानते हैं - वे शिरडी साईंबाबा के द्वारा सिखाए गये मानवता
१४ अप्रैल २००१ के दिन पूजनीय गुरुजी ने, बारीपदा (उड़ीसा) में , श्री शिरडी साईं पीठ मंदिर का उद्घाटन किया। इससे पहले,