अंतर्राष्ट्रीय साईं धारा प्रवाह |
शिरडी साईं सभी को अपना प्रतिबिंब मानते थे। सृष्टि के प्रत्येक तत्त्व साईं के चरणों से आकर्षित है एवं वे उनके आश्रय दाता हैं।
श्री गुरुजी शिरडी साईं के मानवता, शुद्ध आचरण के संदेश, प्रेम, श्रद्धा, सबुरी के संदेशों के कोने कोने तक पहुंचा कर, शिरडी साईं द्वारा दिखाई गई ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की राह को साकार करते हुए, अध्यात्मिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त करते हैं। श्री गुरुजी से प्रेरणा पा कर व श्री गुरुजी के नेतृत्व में अनेकों देशों में श्री शिरडी साईं के मंदिर निर्माण हो चुके हैं -अमरीका में १७ से भी अधिक- जो कि श्री शिरडी साईं के मानवता के विचारों को, उनके संदेश के प्रसार के केंद्र बिंदु हैं। जिससे कि लोग भाई चारे की माला में, जो मानवता के सिद्धांतों पर टिकी है, में एक जुट हो सही मायने में विश्व का सामाजिक एवं आध्यात्मिक पुनरुथान हो सके।
हाल ही में, सन् २००९ में चिकागो में अंतर्राष्ट्रीय साईं भक्तों का सम्मेलन आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन श्री गुरुजी ने किया। श्री गुरुजी ने, इस अवसर पर हजारों की संखया में उपस्थित भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में विश्व साईं आंदोलन एक बृहद् रूप लेगा।
आईए, विदेश में असंखय साईं भक्तों को एक सूत्र में पिरोते हुए, साईं चेतना के प्रचार हेतु श्री गुरुजी के नेतृत्व में विश्व साईं आंदोलन की छोटी सी झलक देखें :
क्यूबा : यहां एक छोटा सा साईं मंदिर निर्माण किया गया है जहां साईं भक्त एकत्रित हो पूजा, आरती, कीर्तन आदि कर साईं भक्ति का आनंद उठाते हैं, इस मंदिर से प्रेरित हो, अनेकों साईं भक्त समुदायों का गठन हो चुका है, जो श्री साईं की शिक्षा – श्रद्धा और सबुरी का – दूर दूर तक प्रचार कर रहे हैं।
अमरीका (यूएसए):श्री गुरुजी द्वारा अमरीका में अनेकों स्थान पर श्री साईं मंदिरों का उद्घाटन एवं शिरडी साईं की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जा चुकी है जैसे कि अटलांटा, मिनीसोटा, चिकागो , हुसटन, डल्लास आदि। यह मंदिर श्री शिरडी साईं के संदेश के प्रसार के केंद्र बिंदु हैं, इसके अलावा मंदिर अनेकों चैरिटेबल कार्यक्रम का आयोजन कर नर सेवा में कार्यरत है। सन् २००२ में, चिकागो में ‘साईं उत्सव’ का आयोजन किया गया जहां उपस्थित विशाल जन समुदाय को श्री गुरुजी ने संबोधित किया। हाल ही में, सन् २००९ में चिकागो में अंतर्राष्ट्रीय साईं भक्तों का सम्मेलन आयोजित किया गया जिसे श्री गुरुजी ने संबोधित किया। सन २०११ में अमेरिका में , श्री गुरूजी ने डल्लास रेडियो चैनल www.funasia.net पर प्रसारित साक्षात्कार में श्रोताओं को शिर्डी साईं के इश्वरियता , सादगी पूर्ण जीवन व्यक्तित्व के अद्भुत आयामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की । इसके आलावा अमेरिका में विभिन्न स्थानों पर महतवपूर्ण समाजिक- धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए श्री गुरूजी ने असंख्य भक्तों को श्री शिर्डी साईं के दर्शन तत्वों, विचारों पर संबोधित किया ताकि श्री शिर्डी साईं प्रत्येक मानव के आधार बन, उन्हें उनमे निहित दिव्यता से अवगत करा सकें।
यूके : केट(लंदन) में श्री गुरुजी ने अपने कर कमलों से श्री शिरडी साईं की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की । इस समारोह में असंखय भक्तों ने शिरडी साईं के आशीष ग्रहण किए एवं अन्य आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया।
आस्ट्रेलिया : शिरडी साईं मंदिर का निर्माण श्री गुरुजी के मार्ग दर्शन एवं प्रेरणा से हुआ है। सन् २००१ में , श्री गुरुजी ने सिडनी में आयोजित, भव्य ‘साईं उत्सव’ में उपस्थित हजारों साईं भक्तों को श्री शिरडी साईं के बारे में बताया एवं अन्य अध्यात्मिक पहलुओं पर भक्तों को संबोधित किया ।
साउथ अफ्रीका : श्री गुरुजी ने दक्षिणी अफ्रीका, जॉहन्सबर्ग , की यात्रा की, जिसके दौरान उन्होंने भक्तों को संबोधित करने के अलावा (श्री गुरुजी) ने जॉहन्सबर्ग रेडियो को साक्षात्कार भी दिया जिसमें श्री शिरडी साईं के जीवन, दर्शन एवं उनके संदेशों पर श्री गुरुजी ने प्रकाश डाला । नैरोबी, इत्यादि इतर समीपवर्ती स्थानों के भक्त समुदायों ने श्री गुरुजी के दर्शन किए।
कनाडा : श्री गुरुजी ने मोंटरीयल में मंदिर संस्था का उद्घाटन किया।
रेडियो चैनलों पर अनेकों प्रोग्राम , इंटरनेट पर शिरडी साईं से संबंधित प्रोग्रामों का सीधा लाइव प्रसारण/ब्रॉडकास्ट, अनेकों वेबसाइट द्वारा शिरडी साईं से जानकारी उपलब्ध कराना , प्रिंट में पत्रिकाओं के ज़रिये लोगों तक श्री शिरडी साईं के संदेश प्रचार कराना, इत्यादि कार्यों के द्वारा, श्री गुरुजी ने अपने नेतृत्व में, प्रत्येक माध्यम द्वारा, शिरडी साईं के संदेश विदेश में प्रसारित किए जा रहे हैं जिसके कारण , आज विदेश में , अनेकों लोग शिरडी साईं के समीप आए हैं और शिरडी एक अंतर्राष्ट्रीय तीर्थ स्थल बनता जा रहा है।
श्री शिरडी साईं, भक्तों के लिए कल्पतरू हैं व वे हर प्राणी के आश्रय दाता हैं। आज विदेश में शिरडी साईं के प्रति नई चेतना, भक्ति की उमंग संचारित हो रही है जिसका श्रेय श्री गुरुजी द्वारा विदेशों मे स्तिथ शिरडी साईं के मंदिर निर्माण को जाता है। श्री गुरुजी के मार्ग दर्शन एवं शिरडी साईं के आशीष स्वरूप , एक सच्चा भक्त/पथिक , श्री शिरडी साईं के पास खींचा चला आता है जैसे कि शिरडी साईं ने साईं सत् चरित्र में कहा है कि ”मैं अपने भक्त को सात समुंदर पार से भी खींच लाता हूं”।
!!जय श्री साईं!! !!जय श्री गुरुजी!!
श्री शिर्डी साईंबाबा |
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श्री गुरूजी |
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श्री शिर्डी साईं पीठ,बारीपदा |
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श्री शिरडी साईं बाबा – एक फकीर, जो कि अहमदनगर जिले के शिरडी नामक एक छोटे से गांव में अवत्तीर्ण हुए ,शिरडी साईं बाबा के पैतृक
श्री चंद्रभानु सतपथीजी स्वयं को श्री शिरडी साईं का महज एक चाकर मानते हैं - वे शिरडी साईंबाबा के द्वारा सिखाए गये मानवता
१४ अप्रैल २००१ के दिन पूजनीय गुरुजी ने, बारीपदा (उड़ीसा) में , श्री शिरडी साईं पीठ मंदिर का उद्घाटन किया। इससे पहले,