मंदिर में प्रत्येक दिवस , सुबह का आरंभ प्रातः ६.३० बजे काकड आरती के साथ होता है और मंदिर के कपाट रात्रि में १० बजे की आरती के उपरांत बंद कर दिए जाते हैं। मध्यान् आरती (१२.३० बजे) के उपरांत, मंदिर के द्वार बंद हो जाते हैं जो फिर सायं काल ४.०० बजे दर्शन हेतु खोल दिए जाते हैं।

दैनिक कार्यक्रम
ग्रीष्मकाल में
| काकड़ आरती |
प्रातः 6:30 बजे |
| बाबा का महाअभिषेक |
प्रातः 7:00 बजे |
| मध्याह्न आरती |
दोपहर 12:00 बजे |
| मंदिर के द्वार बंद रहेंगे |
दोपहर 12:30 बजे से सायं काल 4:30 बजे तक |
| धूप आरती |
सायं 5:30 बजे |
| शेज आरती |
रात्रि 9:00 बजे |
| मंदिर का द्वार बंद |
रात्रि 10:00 बजे |
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शीतकाल में
| काकड़ आरती |
शीतकाल में |
| बाबा का महाअभिषेक |
प्रातः 7:00 बजे |
| मध्याह्न आरती |
दोपहर 12 बजे |
| मंदिर के द्वार बंद रहेंगे |
दोपहर 12:30 बजे से सायं काल 4:30 बजे तक |
| धूप आरती |
सायं 5:30 बजे |
| शेज आरती |
रात्रि 8:30 बजे |
| मंदिर का द्वार बंद |
रात्रि 9:00 बजे |
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साप्ताहिक कार्यक्रम
प्रत्येक गुरुवार को, सायं काल में धूप आरती के पश्चात्, मंदिर के प्रांगण में सैकड़ों भक्त के समुदाय संग, पालकी यात्रा का आयोजन किया जाता है। विशेष पर्व उत्सव जैसे कि रामनवमी, गुरु पूर्णिमा, दशहरा आदि के मौकों पर पांच सौ से भी अधिक भक्त इस पालकी यात्रा में सम्मिलित होते हैं जो कि नगर के मुखय मार्केट से होते हुए, नगर की परिक्रमा कर मंदिर पहुंचती है, ताकि नगरवासी शिरडी साईं के दर्शन कर सकें। पालकी महोत्सव इस मंदिर का विशेष आकर्षण है। नगर परिक्रमा से लौटने के उपरांत मंदिर में लंगर भोजन का आयोजन किया जाता है।
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मासिक कार्यक्रम
माह के प्रत्येक पूर्णिमा एवं संक्रांति के दिवस, मंदिर में तकरीबन सायं ३ बजे, सामूहिक सत्यनारायण पूजा का आयोजन किया जाता है जिसमें असंखय भक्त भाग ले कर पूजा का फल लाभ प्राप्त करते हैं। जो भक्त इस पूजा में सम्मिलित होने के इच्छुक हैं, वे पूजा के तय दिन से एक महीने पहले अपने नाम, मंदिर के स्टाल पर सौ रुपये जमा कर, लिखवा सकते हैं! पूजा के तय दिन, आपके लिये पूजा हेतु सभी सामग्री की व्यवस्था मंदिर की तरफ से होती है, इसलिए आपको कोई भी पदार्थ लाने की आवश्यकता नहीं है। (आप पूजा में सम्मिलित होने/भाग लेने के लिए अपना नाम (दर्ज) मंदिर में स्टाल पर दर्ज करायें : दूरभाष ०६७९२-२५८९८१)
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विशेष कार्यक्रम
त्यौहार और पर्वों के उपलक्ष्य में जैसे कि रामनवमी, गुरु पूर्णिमा, दशहरा, मंदिर के स्थापना दिवस, श्री गुरुजी के जन्म दिवस के खास मौकों पर, श्री शिरडी साईं पीठ, बारीपदा मंदिर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसकी अग्रिम सूचना भक्तों को दी जाती है।
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