बाबा का आश्वासन |
यद्यपि बाबा के भौतिक निर्वाण हुए कई सदियां बीत गई हैं, आज भी बाबा जीवंत हैं एवं उनकी अनुकंपा, ईश्वरीय प्रभाव सर्वत्र, सकल ब्रह्माण्ड में चराचर व्याप्त हैं, जो कि प्रत्येक भक्त, प्रार्थना एवं भक्ति द्वारा अपने अंर्तमन में महसूस कर सकता है। आज भी अरबों भक्तों की खवाहिश श्री बाबा पूर्ण कर, उनके द्वारा अपने जीवन काल में (शिरडी में रहते हुए) दिए गए वचन ”मैं इस शरीर के निर्वाण के बाद भी क्रियाशील रहूंगा” और ”मेरी समाधि मेरे भक्तों से बात करेगी व भक्तों की आवश्यकताएं पूरी करेंगी” की सत्यता का प्रमाण दे रहे हैं।
जो भी बाबा को ध्यान रख , पूजा करता है, उन्हें बाबा की सर्वत्रता, सर्वज्ञता एवं उपस्थिति का शीघ्र अहसास होगा। |
![]() |
श्री शिर्डी साईंबाबा |
|
श्री गुरूजी |
|
श्री शिर्डी साईं पीठ,बारीपदा |
|








श्री शिरडी साईं बाबा – एक फकीर, जो कि अहमदनगर जिले के शिरडी नामक एक छोटे से गांव में अवत्तीर्ण हुए ,शिरडी साईं बाबा के पैतृक
श्री चंद्रभानु सतपथीजी स्वयं को श्री शिरडी साईं का महज एक चाकर मानते हैं - वे शिरडी साईंबाबा के द्वारा सिखाए गये मानवता
१४ अप्रैल २००१ के दिन पूजनीय गुरुजी ने, बारीपदा (उड़ीसा) में , श्री शिरडी साईं पीठ मंदिर का उद्घाटन किया। इससे पहले,