भौगोलिक स्थिति |
शिरडी, भारत के महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले के रहता तालुके में, भौगोलिक स्थिति १९ डिग्री ७६’ उत्तर, ७४ डिग्री २९’ पूर्व पर बसा एक नगर क्षेत्र है जो समुद्री सतह से ५०४ मीटर की औसत ऊँचाई पर स्थित है। (सौजन्य WikiPedia)
सन् २००१ की जन गणना अनुसार, शिरडी की जनसंखया २६,१६९ है जिसमें कि ५३ प्रतिशत पुरुष एवं ४७ प्रतिशत महिलाएँ हैं। शिरडी की औसत साक्षरता दर ७० प्रतिशत है, जो कि औसत राष्ट्रीय साक्षरता दर (५९.५ प्रतिशत) से ज्यादा है : तकरीबन ७६ प्रतिशत पुरुष वर्ग साक्षर हैं और ६२ प्रतिशत महिलाएँ साक्षर हैं। शिरडी में बसी जनसंखया का करीबन ६ प्रतिशत वर्ग की आयु ६ साल से कम है। प्रमुख तीर्थ स्थल होने के कारण, शिरडी में अक्सर एक विशाल संखया में जन समुदाय आता-जाता रहता है। ऐसा अनुमान है कि प्रत्येक दिन शिरडी में तकरीबन ३०,००० दर्शनार्थी आते हैं, छुटि्टयों के दिन एवं विशेष उत्सव/पर्व के दिन यह संखया लाख तक पहुंच जाती है। अशिक्षित श्रमिकों को कामगार के आसान अवसर उपलब्ध होने के कारणवश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, आदि के अनेक श्रमिक भी यहाँ आते हैं। (सौजन्य WikiPedia)
श्री शिर्डी साईंबाबा |
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श्री गुरूजी |
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श्री शिर्डी साईं पीठ,बारीपदा |
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श्री शिरडी साईं बाबा – एक फकीर, जो कि अहमदनगर जिले के शिरडी नामक एक छोटे से गांव में अवत्तीर्ण हुए ,शिरडी साईं बाबा के पैतृक
श्री चंद्रभानु सतपथीजी स्वयं को श्री शिरडी साईं का महज एक चाकर मानते हैं - वे शिरडी साईंबाबा के द्वारा सिखाए गये मानवता
१४ अप्रैल २००१ के दिन पूजनीय गुरुजी ने, बारीपदा (उड़ीसा) में , श्री शिरडी साईं पीठ मंदिर का उद्घाटन किया। इससे पहले,